भारत ने अमेरिका से रिकार्ड तेल खरीदा – क्या वजहें और क्या असर?
भारत ऊर्जा-आश्रित देश है। हमारी देश की तमाम अर्थव्यवस्था, उद्योग, परिवहन, खेती आदि के लिए पेट्रोल, डीजल, गैस जैसे ईंधन बहुत महत्वपूर्ण हैं। पर यह भी सच्चाई है कि भारत अपनी कुल जरूरत का बहुत-सा तेल विदेश से आयात करता है। ऐसे में जब देश ने -- विशेष रूप से United States (अमेरिका) से -- तेल का बड़ा आयात किया है, तो इसके पीछे सिर्फ आर्थिक कारण नहीं बल्कि भू-राजनीतिक और रणनीतिक कारण भी हैं। इस ब्लॉग में हम देखते हैं कि क्या हुआ है, क्यों हुआ, और आगे क्या असर हो सकता है। क्या हुआ? भारत ने 2025 में अमेरिका से क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) के आयात में काफी वृद्धि की है। उदाहरण के लिए, जनवरी-अप्रैल 2025 के चार माह में अमेरिका से तेल आयात 6.31 मिलियन टन हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1.69 मिलियन टन था — अर्थात् लगभग 270% वृद्धि हुई। अक्टूबर 2025 में अमेरिका से भारत का क्रूड आयात लगभग 5,40,000 बैरल प्रति दिन (bpd) तक पहुँच गया, जो 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। इस बढ़ोतरी के साथ अमेरिका, भारत के तेल आपूर्तिकर्ताओं में पहले के मुकाबले मौत बढ़कर एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन गया है। क्यों हु...