शरीर के अलग-अलग अंगों पर तिल का शुभ–अशुभ प्रभाव
भारतीय ज्योतिष और सामुद्रिक शास्त्र (Samudrik Shastra) में तिल को केवल सौंदर्य चिन्ह ही नहीं बल्कि भाग्य और स्वभाव का संकेत भी माना गया है। माना जाता है कि तिल का रंग, आकार और स्थान व्यक्ति के स्वभाव, स्वास्थ्य और भविष्य की झलक देता है। आइए जानते हैं शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर तिल होने का क्या अर्थ बताया गया है— 1. माथे पर तिल मध्य में (भौंहों के बीच): बुद्धिमान, नेतृत्व गुण, जीवन में सफलता का संकेत। दाईं ओर: धन और पद प्रतिष्ठा में वृद्धि। बाईं ओर: आर्थिक उतार-चढ़ाव, परिश्रम अधिक। 2. चेहरे पर नाक पर: आकर्षक व्यक्तित्व, रोमांटिक स्वभाव, प्रसिद्धि। गाल पर: दयालु, भावुक और रचनात्मक प्रवृत्ति। होंठों पर: खाने-पीने के शौकीन, जीवन का आनंद लेने वाले। 3. गर्दन और कंधों पर गर्दन के सामने: वाणी मधुर, समाज में सम्मान। कंधे पर: परिश्रमी, जिम्मेदार और परिवारनिष्ठ। 4. छाती या हृदय के पास दाईं ओर: धन-संपत्ति और समृद्धि का सूचक। बाईं ओर (हृदय पर): संवेदनशील, प्रेम संबंधों में गहराई। 5. हाथ और हथेली हथेली के बीच: शुभ तिल, सौभाग्यशाली और मेहनती। ऊपरी बांह (बाइसेप्स): साहसी, मेहनत से सफलता। 6. पेट और नाभ...