भारत-अमेरिका १०-साल की रक्षा फ्रेमवर्क समझौता
India और United States ने १० साल की रक्षा फ्रेमवर्क समझौता पर हस्ताक्षर किये हैं। यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा-सहयोग को लंबी अवधि के लिए स्थान देता है। इस ब्लॉग में हम इसके क्या मायने हैं, क्या बदलने वाला है, एवं कौन-कौन से पहलू महत्वपूर्ण होंगे — हिन्दी में आसान भाषा में समझने का प्रयास करेंगे। अमेरिका और भारत पहले से ही रक्षा, रक्षा उद्योग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण आदि में सहयोग बढ़ा रहे थे। इस नए समझौते का उद्देश्य इस सहयोग को सिर्फ लेन-देन तक नहीं बल्कि दीर्घकालीन रणनीतिक भागीदारी में बदलना है। समझौते में तकनीक साझा करना, सूचना साझा करना, और मिलकर रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना शामिल है, खासकर भारत के “आत्मनिर्भर भारत” दृष्टिकोण के संदर्भ में। समझौते की मुख्य बातें अवधि: १० वर्ष का रक्षा फ्रेमवर्क। फोकस: दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाना। सूचना एवं खुफिया साझेदारी को मजबूत करना। रक्षा-उद्योग एवं तकनीक में सहयोग (उदाहरण के लिए: संयुक्त उत्पादन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण)। क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान, खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र ...