शेयर और ETF में प्लेजिंग कैसे करें आसन शब्दों में जनिये
शेयर और ETF में प्लेजिंग कैसे करें शेयर बाजार में निवेशक अपनी होल्डिंग का उपयोग केवल निवेश के लिए ही नहीं, बल्कि ऋण (Loan) या अतिरिक्त फंड की जरूरत पूरी करने के लिए भी कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को Pledging कहा जाता है। इसमें आप अपने शेयर या ETF को बंधक (Collateral) रखकर लोन ले सकते हैं या ट्रेडिंग के लिए मार्जिन प्राप्त कर सकते हैं। 1. प्लेजिंग क्या है? प्लेजिंग का मतलब है कि आपके पास मौजूद शेयर या ETF को ब्रोकरेज या बैंक के पास गारंटी के रूप में रखना। बदले में आपको धन या ट्रेडिंग लिमिट मिलती है। इस दौरान शेयर आपके डिमैट अकाउंट में ही रहते हैं, लेकिन उन पर ‘प्लेज’ मार्क हो जाता है, और आप उन्हें तब तक बेच नहीं सकते जब तक प्लेज हटाया न जाए। 2. प्लेजिंग क्यों की जाती है? मार्जिन के लिए – फ्यूचर्स-ऑप्शंस या इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए लोन के लिए – पर्सनल या बिज़नेस जरूरतों के लिए अतिरिक्त फंड – अचानक आने वाली वित्तीय जरूरत पूरी करने के लिए 3. प्लेजिंग की प्रक्रिया (क) ऑनलाइन ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म के जरिए 1. लॉगिन करें – अपने ब्रोकरेज अकाउंट में लॉगिन करें (जैसे Zerodha, Upstox, Angel...